Intezaar lyrics Mithun Sharma

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फिर कहीं दिल ने महसूस किया था
एक दफा फिर से जिंदा ये हुआ था
नज़र जो आया तो तो जीना आया
नज़र से फिर क्यों तू
गुम हो गया पल मैं ही
हाँ तेरा इंतेज़ार है
कहाँ करार है
है तेरी आस ही दिल को
हाँ बेशुमार है
बयान करूँ कैसे
तेरा इंतेज़ार है
तेरा इंतेज़ार है
तेरा इंतेज़ार है
न मेरी कमी न तेरी खता
मोहब्बत में दोनों ने पायी सज़ा
दिल में नही वफ़ाएँ थी कम
मगर वक़्त हम पे न था मेहरबां
किसी कहानी में तू होगा मेरा
हाँ उस कहानी में
मिलना मुझे फिर कहीं
हाँ तेरा इंतेज़ार है
कहाँ करार है
है तेरी आस ही दिल को
हाँ बेशुमार है
बयान करूँ कैसे
तेरा इंतेज़ार है
तेरा इंतेज़ार है
तेरा इंतेज़ार है
तेरा इंतेज़ार है
तेरा इंतेज़ार है
तेरा इंतेज़ार है
Songwriters: Mithun Sharma

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