Tere bina zindagi se koi lyrics RAHUL DEV BURMAN, SAMPOORAN SINGH GULZAR, Gulzar, R D Burman

0
32

तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई
शिकवा तो नहीं शिकवा नहीं
शिकवा नहीं शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन
ज़िन्दगी तो नहीं ज़िन्दगी नहीं
ज़िन्दगी नहीं ज़िन्दगी नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी से शिकवा तो नहीं

काश ऐसा हो
तेरे क़दमों से चुन के मंज़िल चलें
और कहीं दूर कहीं
काश ऐसा हो
तेरे क़दमों से चुन के मंज़िल चलें
और कहीं दूर कहीं
तुम गर साथ हो
मंज़िलों की कमी तो नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई
शिकवा तो नहीं शिकवा नहीं
शिकवा नहीं शिकवा नहीं

जी में आता है
तेरे दामन में सर छुपा के हम
रोते रहें रोते रहें
जी में आता है
तेरे दामन में सर छुपा के हम
रोते रहें रोते रहें
तेरी भी आँखों में
आँसुओं की नमी तो नहीं

तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई
शिकवा तो नहीं शिकवा नहीं
शिकवा नहीं शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन
ज़िन्दगी तो नहीं ज़िन्दगी नहीं
ज़िन्दगी नहीं ज़िन्दगी नहीं

तुम जो कह दो तो
आज की रात चाँद डूबेगा नहीं
रात को रोक लो
तुम जो कह दो तो
आज की रात चाँद डूबेगा नहीं
रात को रोक लो
रात की बात है
और ज़िन्दगी बाकी तो नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई
शिकवा तो नहीं शिकवा नहीं
शिकवा नहीं शिकवा नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी भी लेकिन
ज़िन्दगी तो नहीं ज़िन्दगी नहीं
ज़िन्दगी नहीं ज़िन्दगी नहीं
तेरे बिना ज़िन्दगी से शिकवा तो नहीं

Written by: RAHUL DEV BURMAN, SAMPOORAN SINGH GULZAR, Gulzar, R D Burman

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here